अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म हो सकता है. खबर है कि दोनों देश एक शांति समझौते के करीब हैं जिससे युद्ध रुक सकता है. हालांकि, इस डील को लेकर दोनों तरफ से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं और माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है.

ट्रंप का बयान और चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले हमलों को रद्द कर दिया है. उन्होंने बताया कि युद्ध को खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हो गया है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर होंगे. लेकिन बाद में उन्होंने Truth Social पर ईरान के negotiators को बेईमान बताया और कहा कि ईरानी मीडिया जो खबरें फैला रहा है वह गलत हैं. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि Strait of Hormuz में ड्रोन हमले बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ईरान को जल्द ही अपनी हरकतों में सुधार करना होगा.

ईरान की क्या है राय

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ नाम का समझौता करीब है. उन्होंने मीडिया से अटकलें न लगाने को कहा है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी.

पाकिस्तान की मध्यस्थता और इसराइल की चिंता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया पर बताया कि शांति समझौते का फाइनल टेक्स्ट तैयार हो गया है. पाकिस्तान दोनों देशों को करीब लाने में मदद कर रहा है. दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस डील पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त लगाम होनी चाहिए ताकि इसराइल की सुरक्षा बनी रहे.

समुद्री रास्ते पर तनाव और सैन्य कार्रवाई

U.S. Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने Strait of Hormuz में कई ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. ये ड्रोन व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे. सेना ने कन्फर्म किया कि सभी ड्रोन को नाकाम कर दिया गया और जहाजों का आना-जाना सामान्य तरीके से चालू है.

डील से जुड़ी अन्य अहम बातें

  • अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि यह डील पूरे क्षेत्र में शांति ला सकती है.
  • US ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के अनुसार यह समझौता आने वाले कुछ दिनों या सोमवार तक हो सकता है.
  • ईरान के कुछ सांसदों ने लीक हुए ड्राफ्ट को गलत बताते हुए उसकी आलोचना की है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.