अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने की बड़ी खबर आ रही है. दोनों देश एक शांति समझौते के आखिरी चरण में पहुंच गए हैं और जल्द ही इस पर सहमति बन सकती है. इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

ईरान के दावों में क्या है

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि वे समझौते के टेक्स्ट को अंतिम रूप देने के आखिरी दौर में हैं. विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि यह डील पहले के मुकाबले अब काफी करीब है और उन्होंने मीडिया से अटकलें लगाने से बचने को कहा. हालांकि, ईरान का कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदल रहा है जिससे काम में देरी हो रही है.

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रम्प की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की कुछ रिपोर्टों को ‘फेक न्यूज’ बताया और कहा कि ईरान के दावे लिखित शर्तों से मेल नहीं खाते. हालांकि, उन्होंने पहले यह भी कहा था कि ईरान के साथ युद्ध का एक बड़ा समाधान निकल गया है और अगले कुछ दिनों में समझौते पर साइन हो सकते हैं. अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि यह डील ‘परफॉरमेंस’ पर आधारित होगी, यानी ईरान को अपनी शर्तें पूरी करनी होंगी तभी उसे फायदा मिलेगा.

समझौते की मुख्य शर्तें

खबरों के मुताबिक, एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया गया है जिसमें ये बातें शामिल हो सकती हैं:

  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना और यूरेनियम को नष्ट करना.
  • समुद्री रास्ता: Strait of Hormuz को फिर से खोलना और नौसेना की नाकाबंदी हटाना.
  • पैसा: ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को वापस करना.
  • युद्ध विराम: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकना.
  • सेना: अमेरिका द्वारा ईरान के आसपास से अपनी सेना को हटाना.

कब और कहां होगी साइनिंग

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता 14 जून को साइन हो सकता है. इसके लिए स्विट्जरलैंड का शहर Geneva एक संभावित जगह माना जा रहा है. इस पूरे समझौते को आगे चलकर UN Security Council के जरिए मंजूर कराया जाएगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.