अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है। अमेरिका इस मामले में कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन इसके लिए उसने ईरान के सामने कुछ बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। इनमें परमाणु हथियारों के लिए यूरेनियम संवर्धन बंद करना और रणनीतिक समुद्री मार्गों को बिना किसी टैक्स के खुला रखना शामिल है।

अमेरिका ने ईरान के सामने कौन सी शर्तें रखी हैं?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। समझौते के लिए अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम को सौंप दे, जिसे अमेरिका नष्ट कर देगा। इसके अलावा, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा किसी भी तरह का टैक्स या टोल वसूलने का कड़ा विरोध किया है। ट्रंप ने कहा है कि इस समुद्री मार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और व्यापारिक जहाजों के लिए इसे पूरी तरह खुला रखना होगा।

समझौते को कराने में किन देशों की है मुख्य भूमिका?

इस शांति समझौते को सफल बनाने के लिए कई देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

  • पाकिस्तान: पाकिस्तान इस बातचीत में बहुत सक्रिय है। उसके सेना प्रमुख आसिम मुनीर और आंतरिक मंत्री सैयद मोहसिन नकवी ने तेहरान का दौरा किया है। मार्को रुबियो ने भी पाकिस्तान के इस काम की तारीफ की है।
  • कतर और ओमान: कतर ने अपनी एक बातचीत टीम तेहरान भेजी है, जबकि ओमान के विदेश मंत्री बदर अल्बुसैदी भी इस मामले में लगातार बातचीत कर रहे हैं।

ताजा अपडेट और ईरान का क्या है रुख?

मार्को रुबियो ने अपनी भारत यात्रा के दौरान 23 मई 2026 को नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में इसकी पुष्टि की कि बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। इससे पहले स्वीडन में भी उन्होंने इस पर चर्चा की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ड्राफ्ट समझौता तैयार हो चुका है जिसमें अमेरिका द्वारा धीरे-धीरे प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है। हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने निर्देश दिया है कि समृद्ध यूरेनियम को देश से बाहर न भेजा जाए, जो इस डील में एक बड़ा पेंच फंसा हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ईरान पर से प्रतिबंध हटाने को तैयार है?

हां, रिपोर्ट्स के अनुसार तैयार किए गए ड्राफ्ट समझौते में प्रावधान है कि अगर ईरान शर्तों को मानता है, तो अमेरिका उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटा लेगा।

यूरेनियम को लेकर दोनों देशों के बीच क्या विवाद है?

अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सौंप दे ताकि उसे नष्ट किया जा सके, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस यूरेनियम को देश से बाहर भेजने से मना किया है।