अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रविवार को समझौता होने की संभावना जताए जाने के बाद अब बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच रविवार को किसी भी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि समझौते के मसौदे के मुख्य मुद्दों पर अभी भी चर्चा चल रही है।

आखिर क्यों रविवार को साइन नहीं हो सका समझौता?

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार 23 मई 2026 को कहा था कि शांति को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MOU) लगभग तैयार है और रविवार 24 मई 2026 को इसे मंजूरी मिलने की 50/50 संभावना है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समझौते के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर अभी भी बातचीत चल रही है। यह उभरता हुआ समझौता कोई अंतिम व्यापक डील नहीं बल्कि एक रूपरेखा (framework) होगा, जिसके जरिए आगे की बातचीत के लिए 60 दिनों का समय मिल सकता है और युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है।

बातचीत में कौन-कौन से देश निभा रहे हैं मध्यस्थ की भूमिका?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मध्यस्थ (mediators) की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बातचीत को सकारात्मक और उत्साहजनक बताया है। अमेरिका की तरफ से Steve Witkoff और Jared Kushner इस बातचीत में सक्रिय हैं, जबकि ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi और उप विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh चर्चा कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि जब तक एक आपसी समझ का ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक बातचीत की अगली तारीख तय नहीं होगी। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून से अलग कोई भी शर्त स्वीकार नहीं करेगा।

क्या है इस समझौते का मुख्य उद्देश्य?

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का एक नया रास्ता तैयार करना है। इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र के माध्यम से ईरान के साथ गहन बातचीत की थी। साल 2025 में भी दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते को लेकर चर्चा हुई थी, जिसमें ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम में अमेरिकी निवेश की संभावना पर बात की गई थी। फिलहाल अंतिम फैसले के लिए दोनों पक्षों के बीच ड्राफ्ट के मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनना बाकी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को कोई समझौता हुआ?

नहीं, अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मसौदे के मुख्य मुद्दों पर बातचीत जारी रहने के कारण रविवार को किसी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सके।

इस शांति समझौते में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

इस शांति समझौते के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं और बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।

ईरान का इस समझौते को लेकर क्या रुख है?

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून से अलग कोई भी शर्त स्वीकार नहीं करेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.