ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच अब शांति की उम्मीदें जागी हैं। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने साफ़ कहा है कि इलाके की सुरक्षा के लिए ईरान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, पाकिस्तान और अमेरिका की तरफ से समझौते की खबरें आ रही हैं, लेकिन ईरान ने इस पर अपनी अलग राय रखी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर ईरान का रुख
विदेश मंत्री Araghchi ने रविवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए सभी देशों का आपस में सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ईरान की ताकत सिर्फ उसकी सेना में नहीं, बल्कि वहां की जनता के समर्थन और राष्ट्रीय एकता में है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के विवादों के बाद अब दुनिया ईरान की भूमिका को अलग नजरिए से देख रही है।
समझौते को लेकर अलग-अलग दावे
शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने संकेत दिए थे कि युद्ध खत्म करने का समझौता बहुत करीब है और अगले 24 घंटों में यह पूरा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा था कि रविवार को समझौता साइन होने वाला है और इसके बाद Hormuz Strait को तुरंत खोल दिया जाएगा।
ईरान ने खबरों को बताया अफवाह
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन खबरों को सिर्फ अटकलें बताया है। उन्होंने साफ किया कि रविवार को अमेरिका के साथ किसी भी तरह के समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन अपनी बातें बार-बार बदलता रहता है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बताया कि शांति वार्ता और युद्ध जैसे बड़े फैसले सुप्रीम लीडर और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ही लेंगे।
मौजूदा हालात और तनाव
- शांति लाने की कोशिशों के तहत रविवार को कतर (Qatar) की एक टीम तेहरान पहुंची।
- इसराइल अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और रविवार शाम को अपनी सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुला रहा है।
- ईरान के भीतर भी विरोध देखने को मिला, जहां मशहद (Mashhad) में विदेश मंत्री Araghchi के खिलाफ प्रदर्शन हुए।
- इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच ड्रोन और मिसाइलों का हमला रविवार को भी जारी रहा।