अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक शुरुआती शांति समझौते का ड्राफ्ट सामने आया है. ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश चल रही है जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और अमेरिकी सैनिकों की वापसी जैसी बड़ी बातें शामिल हैं. इस संभावित समझौते से खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कैसे बहाल होगा व्यापारिक जहाजों का आवागमन?

समझौते के ड्राफ्ट के अनुसार, ईरान अगले 30 दिनों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों के आवागमन को युद्ध से पहले वाले स्तर पर लाएगा. इस पूरे मार्ग का प्रबंधन ईरान और ओमान मिलकर संभालेंगे. हालांकि, इस मौजूदा ड्राफ्ट में अमेरिकी सैन्य जहाजों को इस रूट से बाहर रखने की बात कही गई है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 27 मई 2026 को 23 जहाजों को गुजरने की अनुमति भी दी है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम तय किए गए हैं.

अमेरिकी सैनिकों की वापसी और प्रतिबंध हटाने पर क्या है सहमति?

शांति समझौते के इस मसौदे में अमेरिका ने ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सेना वापस बुलाने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है. हालांकि, सैनिकों की यह वापसी क्षेत्रीय तैनातियों पर लागू होगी या स्थाई ठिकानों पर, इस पर अभी आगे बातचीत होनी बाकी है. ईरान का कहना है कि वह जमीनी स्तर पर सत्यापन के बाद ही अगला कदम उठाएगा.

शांति वार्ता में कौन से देश कर रहे हैं मध्यस्थता?

अमेरिका और ईरान के बीच इस अनौपचारिक बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान और कतर मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत कराने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है. अगर अगले 60 दिनों में इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के जरिए कानूनी रूप से लागू किया जा सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि इस बातचीत को पूरा होने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू होने की आशंका है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना बहुत कम है, हालांकि वे किसी भी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

इस समझौते पर अमेरिकी सरकार का क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौता करीब है, लेकिन प्रतिबंध तब तक पूरी तरह लागू रहेंगे जब तक इस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.