अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा शांति समझौता होने जा रहा है। 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में इस MoU पर हस्ताक्षर होंगे। इस डील के बाद Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों तक बातचीत करने का रास्ता साफ हो गया है। इस खबर के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है।
समझौते की मुख्य शर्तें और नियम
इस रोडमैप के तहत अमेरिका ईरान पर लगा आर्थिक प्रतिबंध हटाएगा और दोनों देश परमाणु हथियारों को लेकर बातचीत करेंगे। अमेरिका ने साफ किया है कि आर्थिक लाभ तभी मिलेगा जब ईरान अपने व्यवहार में सुधार लाएगा। G7 देशों के प्रमुखों ने भी इस शर्त वाले ढांचे को अपनी मंजूरी दे दी है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| हस्ताक्षर की तारीख | 19 जून 2026, स्विट्जरलैंड |
| परमाणु बातचीत | 60 दिनों की समय सीमा तय की गई है |
| Strait of Hormuz | ब्लॉकैड खत्म होगा और रास्ता पूरी तरह खुलेगा |
| फ्रीज की गई संपत्ति | शर्तों के पालन पर 24 अरब डॉलर वापस मिल सकते हैं |
| तेल निर्यात | बैंकिंग, बीमा और ट्रांसपोर्ट के लिए छूट मिलेगी |
| सीजफायर | इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम शामिल है |
बड़े नेताओं और अधिकारियों के बयान
US President Donald Trump ने कहा कि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है और यह केवल एक MoU है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने उम्मीदों के मुताबिक काम नहीं किया तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका पुनर्निर्माण के लिए ईरान को 300 मिलियन डॉलर नहीं देगा।
US Vice President JD Vance ने बताया कि इस पूरे समझौते में एक वेरिफिकेशन सिस्टम होगा ताकि ईरान की हरकतों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा ईरान को नहीं दिया जाएगा और जमी हुई संपत्ति तभी मिलेगी जब ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को खत्म करेगा।
ईरान के Foreign Minister Abbas Araghchi ने इस डील और 60 दिनों की बातचीत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी मुख्य मांगों को ड्राफ्ट में शामिल करवाया है, लेकिन इस दस्तावेज को वॉशिंगटन पर भरोसे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और समझौते के फाइनल टेक्स्ट की घोषणा की। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने भी इस कदम का स्वागत किया है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, इस MoU पर US President Trump, Vice President Vance और ईरान के प्रतिनिधि Mohammad Bagher Ghalibaf और Majid Takht-Ravanchi ने इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर कर दिए हैं। समझौते का पूरा टेक्स्ट साइनिंग सेरेमनी के 24 से 48 घंटे बाद जारी किया जाएगा।