अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण तनाव को कम करने के लिए राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ईरान को 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है ताकि क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त किया जा सके। ट्रंप ने जानकारी दी है कि वह ईरान में सही लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं और सीजफायर यानी युद्ध विराम उनका प्राथमिक लक्ष्य है। दूसरी तरफ इजरायल ने तेहरान और अन्य इलाकों में हवाई हमले जारी रखे हैं जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

शांति प्रस्ताव और बातचीत की ताजा स्थिति

राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति योजना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं और कहा है कि बातचीत बहुत अच्छी और सार्थक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। पाकिस्तान ने भी इस मामले में मध्यस्थता की पेशकश की है और वह अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करना चाहता है। हालांकि ईरान के नेतृत्व ने आधिकारिक तौर पर किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार किया है और इन खबरों को केवल बाजार को प्रभावित करने वाला प्रचार बताया है।

खाड़ी देशों में सुरक्षा और हमलों का विवरण

युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बलों ने कई हमलों को नाकाम किया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

देश हालिया स्थिति और हमले
Saudi Arabia सऊदी अधिकारियों ने 20 से अधिक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है।
UAE सेना ने 5 बैलिस्टिक मिसाइल और 17 ड्रोन हमलों को नाकाम किया।
Bahrain ईरानी ड्रोन हमलों के कारण कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं दर्ज हुईं।
Kuwait कुवैती सेना ने 13 ड्रोन और 17 मिसाइलों के आने की सूचना दी है।
Israel इजरायल ने Esfahan प्रांत में ईरान के मुख्य विस्फोटक उत्पादन केंद्रों पर हमले किए।

सैन्य कार्रवाई और सुरक्षा अलर्ट

अमेरिकी सेना के अनुसार अब तक ईरान के लगभग 8,000 सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं जिससे उनकी मिसाइल दागने की क्षमता कम हुई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कतर जैसे सहयोगियों पर हमले नहीं रुके तो ईरान के ऊर्जा क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए ईरान और उसके पड़ोसी देशों की यात्रा न करने की सलाह दी है। स्विट्जरलैंड ने भी सुरक्षा चिंताओं के कारण तेहरान में अपने विदेशी हितों वाले विभाग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।