अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि ईरान को लेकर कुछ अच्छे संकेत दिख रहे हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने शांति के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है जिसे ईरान अब देख रहा है। इस बीच सऊदी अरब ने भी इस बातचीत का समर्थन किया है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत का क्या स्टेटस है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने 20 मई 2026 को बताया कि बातचीत इस वक्त ऐसे मोड़ पर है जहां या तो समझौता हो जाएगा या फिर सैन्य हमला होगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ईरान के बातचीत करने वालों से काफी प्रभावित है। ट्रंप ने ईरान के जवाब के लिए कुछ दिनों का समय दिया है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान बीच-बचाव कर रहा है और पाकिस्तान के आर्मी चीफ 21 मई को तेहरान जाने वाले थे ताकि शांति प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सके।
सऊदी अरब का इस पर क्या कहना है?
सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान इस मौके का फायदा उठाएगा ताकि बड़े टकराव से बचा जा सके और जल्द से जल्द राजनयिक कोशिशों का जवाब दे। सऊदी मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और वहां जहाजों की आवाजाही वैसी ही होनी चाहिए जैसी 28 फरवरी 2026 से पहले थी।
ईरान और अमेरिका से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें
- ईरान ने 21 मई 2026 को दो लोगों को फांसी दी जिन्हें सशस्त्र विद्रोह और अलगाववादी समूहों से जुड़े होने का दोषी पाया गया था।
- अमेरिकी हिरासत से छूटे 20 ईरानी नाविक राजनयिक कोशिशों के बाद अपने घर लौट आए हैं।
- अमेरिका के विदेश विभाग ने दुनिया भर में अमेरिकियों के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है क्योंकि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
- खबरों के मुताबिक अप्रैल की शुरुआत से चली आ रही युद्धविराम की अवधि में ईरान ने अपने ड्रोन उत्पादन को फिर से तेज कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान का इस बातचीत में क्या रोल है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ तेहरान का दौरा कर रहे हैं।
अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए क्या चेतावनी जारी की है?
अमेरिकी विदेश विभाग ने Worldwide Caution जारी किया है। इसमें मिडिल ईस्ट में रहने वाले अमेरिकियों को सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
