अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता रद्द हो गई है। इस खबर के बाद Tel Aviv की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं और वे डरे हुए हैं कि युद्ध फिर से शुरू हो सकता है। उधर, इसराइल ने भी Hezbollah के ठिकानों पर हमले के आदेश दे दिए हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है।
शांति वार्ता क्यों रद्द हुई और अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के लिए अपने दूतों की यात्रा रद्द कर दी। Trump ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में बहुत ज्यादा आपसी लड़ाई और भ्रम है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास सभी पत्ते हैं और ईरान के पास कुछ नहीं है। हालांकि, Trump ने बताया कि उन्हें एक नया और बेहतर प्रस्ताव मिला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लड़ाई फिर से शुरू होगी। दूसरी तरफ, युद्ध सचिव Pete Hegseth ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने US Navy को उन ईरानी नावों को नष्ट करने का अधिकार दिया है जो Strait of Hormuz में बाधा डालने की कोशिश करेंगी।
ईरान और इसराइल की क्या प्रतिक्रिया रही?
- ईरान का रुख: ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कहा कि वे धमकियों या नाकाबंदी के दबाव में बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाई जाए। ईरान की IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसे इस क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए, नहीं तो जवाब देना पड़ेगा।
- इसराइल की कार्रवाई: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सेना को Hezbollah के ठिकानों पर जोरदार हमले करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे ईरान के पेट्रोकेमिकल्स और स्टील केंद्रों को निशाना बनाना जारी रखेंगे। शनिवार रात को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले हुए जिनमें कई लोग मारे गए।
Tel Aviv में विरोध प्रदर्शन और अन्य बड़ी घटनाएँ
रविवार, 26 अप्रैल 2026 को Tel Aviv के Habima Square में हजारों लोग जमा हुए। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री Netanyahu की सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और युद्ध शुरू होने के डर से परेशान हैं। इसी बीच अमेरिका से एक और बड़ी खबर आई जहां व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम के दौरान एक शूटिंग की घटना हुई। इस हमले के कारण राष्ट्रपति Donald Trump को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने बताया कि एक अधिकारी को गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई।