US और Iran के बीच शांति के लिए की गई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली इस लंबी मीटिंग के बाद भी दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। इस तनाव के बीच भारत के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता Salman Khurshid ने दुनिया में शांति बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि अगर बातचीत नहीं हुई तो इसके नतीजे बहुत खराब हो सकते हैं।

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बातचीत क्यों नाकाम हुई और अमेरिका की क्या शर्तें थीं?

अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा करे और यूरेनियम को रिफाइन करने का काम पूरी तरह बंद कर दे। इसके अलावा अमेरिका ने कुछ और कड़ी शर्तें रखी थीं जिन्हें ईरान ने नहीं माना।

अमेरिका की मुख्य शर्तें
परमाणु हथियारों की खोज पर पूरी तरह रोक
यूरेनियम रिफाइनमेंट की सभी फैसिलिटी बंद करना
हमास, हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों को फंडिंग बंद करना
Strait of Hormuz को बिना टोल टैक्स के सबके लिए खोलना
अमेरिका को हाई एनरिच्ड यूरेनियम वापस करने देना

Trump का बड़ा फैसला और ईरान का क्या कहना है?

बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि 13 अप्रैल 2026 से Strait of Hormuz में जहाजों की नाकाबंदी प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी। खबरों के मुताबिक अमेरिका ईरान के अंदर सीमित सैन्य हमले करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।

वहीं ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में नाकाम रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस नाकाबंदी की वजह से जल्द ही वहां गैस की कीमतें बहुत बढ़ जाएंगी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका केवल इसराइल के हितों को आगे बढ़ा रहा है।

Salman Khurshid ने भारत सरकार को लेकर क्या कहा?

पूर्व विदेश मंत्री Salman Khurshid ने कहा कि पश्चिम एशिया के इस संकट के बीच ग्लोबल स्थिरता के लिए बातचीत का जारी रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने भारत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले में एक मूक दर्शक बनी हुई है।

Khurshid का मानना है कि भारत को इस समय शांति का दूत बनना चाहिए ताकि युद्ध जैसी स्थिति को टाला जा सके। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के बड़े देशों के बीच बातचीत बंद हो गई तो इसके असर पूरी दुनिया पर पड़ेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com