अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह से रुक गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने 5 जून 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बातचीत अब पूरी तरह बंद होने की कगार पर है और अब गेंद पूरी तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में है। ईरान ने इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के सामने अपने जब्त किए गए 24 अरब डॉलर के फंड को जारी करने की बड़ी शर्त रखी है।
ईरान ने बातचीत आगे बढ़ाने के लिए क्या रखी है शर्त?
मोहसिन रजाई के मुताबिक, शांति समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के जब्त पड़े 24 अरब डॉलर जारी करता है या नहीं। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि एक अंतरिम समझौते के बाद पहली किस्त के रूप में 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं और बाकी के 12 अरब डॉलर बाद में दिए जाएं। ईरान इसे अमेरिका के लिए एक तरह का टेस्ट मान रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी अधिकारी इस फंड को जारी करने से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि ऐसा करने से ईरान पर उनका प्रभाव कम हो जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि नया समझौता 2015 के परमाणु समझौते से ज्यादा सख्त होना चाहिए।
तनाव बढ़ने पर ईरान ने दी गंभीर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष शुरू होता है, तो ईरान अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा केवल फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रखेगा। ईरान की सेना हिंद महासागर, लाल सागर, भूमध्य सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना अब अमेरिकी नाकेबंदी को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने भी बयान जारी कर कहा है कि इस शांति वार्ता में अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं देखी गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी दावों को बताया झूठ
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई थी। CENTCOM ने इन दावों को पूरी तरह से झूठ और संघर्षविराम का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी सेना ने बताया कि अप्रैल के मध्य से शुरू हुई नाकेबंदी के बाद से अब तक ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले 129 कमर्शियल जहाजों को वापस लौटाया गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस तनाव के कारण क्षेत्र में शांति की उम्मीदें कमजोर होती दिख रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका से बातचीत शुरू करने के लिए कितने पैसों की मांग की है?
ईरान ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका में फ्रीज किए गए अपने 24 अरब डॉलर को जारी करने की शर्त रखी है, जिसे वह विश्वास बहाली का जरिया बता रहा है।
क्या ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर के बीच कोई मुलाकात होगी?
ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने साफ तौर पर कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी क्योंकि बातचीत अभी शुरुआती दौर में ही रुक गई है।
