यूरोपीय यूनियन (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह बातचीत सही तरीके से नहीं हुई, तो इससे होने वाला समझौता बहुत कमजोर साबित होगा। यह बात उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को साइप्रस में यूरोपीय नेताओं की एक मीटिंग के दौरान कही।

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क्या नया समझौता 2015 के JCPOA से कमजोर होगा?

काजा कल्लास ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान की बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दों तक ही सीमित रही, तो यह 2015 के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) से भी कमजोर होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में परमाणु विशेषज्ञों का शामिल होना बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि बिना एक्सपर्ट्स की सलाह के किया गया समझौता भविष्य में कारगर नहीं होगा।

ईरान किन मुद्दों पर खतरनाक हो सकता है?

EU प्रमुख ने चेतावनी दी कि केवल परमाणु मुद्दे सुलझाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल प्रोग्राम, उसके सहयोगी समूहों को मिलने वाली मदद और यूरोप में होने वाली साइबर गतिविधियों पर भी चर्चा होनी चाहिए। अगर इन क्षेत्रीय समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में ईरान दुनिया के लिए और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

कौन हैं काजा कल्लास और उनकी क्या भूमिका है?

काजा कल्लास 1 दिसंबर 2024 से यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि के साथ-साथ यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और कूटनीति से जुड़े बड़े फैसले लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस बातचीत में यूरोपीय यूनियन, अमेरिका और ईरान मुख्य संस्थाएं शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.