अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। इस खबर के बाद ओमान के विदेश मंत्री ने दोनों देशों से युद्ध रोकने के लिए सीजफायर की समय सीमा बढ़ाने की अपील की है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए समुद्र के रास्ते बंद करने की धमकी दी है।

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इस्लामाबाद में बातचीत क्यों नहीं बनी

अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली लेकिन दोनों देश किसी एक बात पर सहमत नहीं हो पाए। अमेरिका की मुख्य शर्त यह थी कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की अपनी कोशिशों को पूरी तरह बंद करे और इसके लिए ठोस प्रतिबद्धता दे। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा और गैरकानूनी हैं, जिसकी वजह से समझौता नहीं हो सका।

ट्रंप की चेतावनी और ओमान की अपील

बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की नाकेबंदी करने की धमकी दी है ताकि ईरान के जहाजों की आवाजाही रोकी जा सके। ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि युद्ध की तुलना में कुछ कड़े फैसले लेना बेहतर है। उन्होंने अपील की कि 22 अप्रैल को खत्म होने वाले सीजफायर को आगे बढ़ाया जाए ताकि बातचीत का एक और मौका मिल सके।

महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल के हमलों के साथ ईरान युद्ध शुरू हुआ
8 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ
11 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में शांति वार्ता की शुरुआत हुई
12 अप्रैल 2026 बातचीत विफल रही और ट्रंप ने नाकेबंदी की धमकी दी
22 अप्रैल 2026 मौजूदा सीजफायर की समय सीमा खत्म होगी