अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान के Islamabad में बड़ी बातचीत शुरू हुई है। 11 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचे और आमने-सामने बैठे। यह 1979 की क्रांति के बाद पहली बार है जब दोनों देश इतनी बड़ी लेवल पर सीधे चर्चा कर रहे हैं। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष को रोकने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बातचीत में कौन शामिल है और क्या हैं मुख्य शर्तें?

इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, Jared Kushner और Steve Witkoff शामिल हुए हैं। वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है।

  • ईरान की मांग: लेबनान में युद्धविराम हो और उनके फ्रीज किए गए एसेट्स (संपत्ति) को वापस किया जाए।
  • अमेरिका का रुख: Hormuz जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और यहां नेविगेशन नहीं रुकना चाहिए।
  • मुख्य विवाद: लेबनान का मुद्दा काफी जटिल है क्योंकि इसराइल वहां अपने हमले जारी रखना चाहता है।

पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस पूरी शांति प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दोनों प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरान सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir और अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने इस बातचीत का स्वागत किया है और दोनों देशों से इस मौके का पूरा फायदा उठाने को कहा है।

UAE और इसराइल का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर United Arab Emirates में राष्ट्रपति Sheikh Mohammed bin Zayed ने दुबई के शासक Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईरानी आक्रामकता के खिलाफ UAE की सेना की तैयारी और प्रभावशीलता की तारीफ की। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि इसराइल ईरान और उसके समर्थकों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

मुख्य बिंदु विवरण
बातचीत की तारीख 11 अप्रैल 2026
स्थान Islamabad, पाकिस्तान
संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026
अमेरिकी ऑपरेशन का नाम Operation Epic Fury
सीजफायर की घोषणा 8 अप्रैल 2026
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.