अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सीधी शांति बातचीत शुरू हो गई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कह दिया है कि चाहे डील हो या न हो, जीत अमेरिका की ही होगी। इसी बीच अमेरिका ने Strait of Hormuz को खोलने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है और दावा किया है कि ईरान के पास अब कोई खास मौका नहीं बचा है।

अमेरिका और ईरान की शर्तों में क्या अंतर है?

दोनों देशों ने शांति के लिए अपने-अपने प्रस्ताव रखे हैं। ईरान ने 10 पॉइंट्स का प्रस्ताव दिया है जिसमें आर्थिक प्रतिबंध हटाने, दुश्मनी खत्म करने और Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण रखने की मांग की है। वहीं अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का प्रस्ताव रखा है जिसका मुख्य मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और समुद्री रास्ते को दोबारा खोलना है।

Strait of Hormuz को लेकर Trump ने क्या दावा किया?

Donald Trump ने कहा कि ईरान केवल शॉर्ट-टर्म ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने समुद्री रास्ते से खदानें हटाने का काम शुरू कर दिया है और ईरान के माइन लेइंग जहाजों को डुबो दिया गया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों और पाकिस्तानी सूत्रों ने अमेरिका के जहाजों के वहां से गुजरने की बात को गलत बताया है।

शांति वार्ता और सैन्य हलचल की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
बातचीत की जगह इस्लामाबाद, पाकिस्तान
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरानी प्रतिनिधि Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (PM Shehbaz Sharif और अन्य)
इसराइल का रुख Netanyahu ने कहा कि लेबनान में Hezbollah के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई CENTCOM ने दो डिस्ट्रॉयर जहाजों को Strait of Hormuz में भेजा
विवाद का मुद्दा ईरानी संपत्ति को अनफ्रीज करने पर अमेरिका ने इनकार किया