US-Iran Peace Talks: ट्रंप का ऐलान, जंग खत्म करने के लिए अमेरिकी negotiators जाएंगे इस्लामाबाद, सोमवार को होगी बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के बातचीत करने वाले प्रतिनिधि सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य मकसद अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ चल रही जंग को खत्म करना है। पूरी दुनिया की नज़रें अब इस बैठक पर टिकी हैं कि क्या इस बार शांति समझौता हो पाएगा।

बैठक से पहले क्या हुआ और ट्रंप ने क्या धमकी दी?

शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हमले करके दो हफ्ते के युद्धविराम का उल्लंघन किया है। ट्रंप ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई डील नहीं हुई तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे। उन्होंने साफ किया कि अब वह नरमी नहीं बरतेंगे।

ईरान का क्या कहना है और क्या हैं मुख्य विवाद?

ईरान की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने माना कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है लेकिन परमाणु हथियारों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अभी भी दोनों देशों के बीच बड़ी दूरी है। वहीं ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबज़ादे ने रविवार को साफ कर दिया कि वे अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को नहीं सौंपेंगे।

समझौते से जुड़ी अब तक की महत्वपूर्ण जानकारियां

तारीख घटना/अपडेट
7 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम तय हुआ
12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में बातचीत का पहला दौर असफल रहा
18 अप्रैल 2026 ट्रंप ने ईरान को पावर प्लांट तबाह करने की धमकी दी
18 अप्रैल 2026 ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया
19 अप्रैल 2026 ईरान ने यूरेनियम सौंपने से साफ इनकार किया
21 अप्रैल 2026 अमेरिकी प्रतिनिधियों का इस्लामाबाद पहुंचने का समय