अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक अहम मुलाकात की। इस बैठक का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करना और एक स्थायी शांति समझौता करना है। इस बातचीत के लिए ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस्लामाबाद पहुंच चुका है।

क्या है इस मुलाकात का मुख्य मकसद और शर्तें?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने JD Vance को इस बातचीत के लिए खास दिशा-निर्देश दिए थे। इसका मुख्य लक्ष्य ईरान के साथ एक कमजोर सीजफायर को मजबूत करना और युद्ध को पूरी तरह रोकना है। ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालिबाफ के नेतृत्व में टीम आई है। ईरान ने अपनी शर्त रखी है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब लेबनान में इजराइल की गोलाबारी रुकेगी और उनकी रुकी हुई संपत्ति वापस मिलेगी।

बातचीत में शामिल मुख्य लोग और उनकी भूमिका

नाम भूमिका
JD Vance अमेरिकी उपराष्ट्रपति और मुख्य वार्ताकार
शहबाज शरीफ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और मेजबान
मोहम्मद बागेर कालिबाफ ईरानी संसद अध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख
स्टीव विटकॉफ अमेरिकी विशेष दूत
जारेड कुशनर अमेरिकी वरिष्ठ सलाहकार
असीम मुनीर पाकिस्तान आर्मी चीफ

इस्लामाबाद में सुरक्षा और ताज़ा अपडेट क्या है?

शांति वार्ता के चलते इस्लामाबाद में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है। कई मुख्य सड़कों को बंद कर दिया गया है और स्थानीय लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। वहीं दूसरी ओर, लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इजरायली हवाई हमले हुए हैं, जिसमें 3 लोगों की मौत हुई है। यह घटना ईरान की उन शर्तों के बीच हुई है जिनमें उसने लेबनान में सीजफायर की मांग की थी। पाकिस्तान का मानना है कि यह बातचीत युद्ध रोकने का आखिरी मौका हो सकती है।