US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत में उलझन, तेल की कीमतों में आई गिरावट, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत अब उलझन में पड़ गई है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है और दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है।

तेल की कीमतों और बातचीत पर क्या असर पड़ा?

ईरान ने पहले ऐलान किया था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखेगा, जिससे तेल की कीमतों में गिरावट आई। लेकिन अमेरिका ने एक ईरानी जहाज को जब्त कर लिया, जिसके बाद माहौल खराब हो गया। अब पाकिस्तान में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत पर संकट मंडरा रहा है क्योंकि ईरान ने इसमें शामिल न होने की धमकी दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और सुरक्षा की क्या स्थिति है?

समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का आना-जाना धीमा हो गया है। शनिवार को जहाँ 20 से ज्यादा जहाज गुजरे थे, वहीं पिछले 12 घंटों में सिर्फ 3 जहाज ही देखे गए। ईरान के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने नाकेबंदी जारी रखी, तो वह समुद्री रास्तों को बंद कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया के लिए तेल बाज़ार महंगा हो जाएगा।

सऊदी अरब और अमेरिका का क्या रुख है?

सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों के कारण तेल उत्पादन में कमी आई थी, लेकिन अब वहां काम फिर से शुरू हो गया है और पाइपलाइन अपनी पूरी क्षमता से चल रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में JD Vance और Jared Kushner शामिल हैं, जो पाकिस्तान जाने की तैयारी में थे लेकिन तारीख अभी तय नहीं हुई है।

तारीख और घटना विवरण
8 से 21 अप्रैल 2026 शांति वार्ता और तेल कीमतों को प्रभावित करने वाली घटनाएं हुईं
12 अप्रैल 2026 सऊदी ऊर्जा केंद्रों ने काम दोबारा शुरू किया
19 अप्रैल 2026 ईरान ने समुद्री आवाजाही रोकने की चेतावनी दी
20 अप्रैल 2026 ईरान ने अमेरिकी जहाज जब्ती को युद्धविराम का उल्लंघन बताया
21 अप्रैल 2026 बातचीत में अनिश्चितता के कारण तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव आया
22 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की समय सीमा खत्म होगी
सऊदी तेल उत्पादन हमलों के कारण करीब 6 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आई थी