अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति की बातचीत की वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 3 जुलाई 2026 तक की स्थिति के मुताबिक, कूटनीतिक कोशिशों ने बाजार में मची हलचल को कुछ हद तक कम कर दिया है।

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1 जुलाई 2026 को दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत हुई। इस बातचीत में Qatar और Pakistan ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इन बैठकों को बहुत अच्छा बताया और कहा कि ईरान के साथ संबंध बेहतर हो रहे हैं और परमाणु हथियारों को खत्म करने की प्रक्रिया सही दिशा में बढ़ रही है।

इस बातचीत का मुख्य मुद्दा Strait of Hormuz के जरिए जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करना और युद्धविराम को पक्का करना था। ईरान ने जहाजों के ट्रैफिक को पहले जैसा करने का वादा किया है जिससे सप्लाई की चिंता कुछ कम हुई है। लेकिन 2 जुलाई को ईरान की मिलिट्री कमांड ने चेतावनी दी कि सभी तेल टैंकरों को उनके बताए गए रास्तों का ही पालन करना होगा, वरना उन्हें सख्त जवाब दिया जाएगा।

3 जुलाई से बातचीत में कम से कम एक हफ्ते का ब्रेक लिया गया है। यह ब्रेक पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाजे की वजह से है। उन्हें 28 फरवरी 2026 को एक हमले में मारा गया था और उनका अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच होगा। Qatar और Pakistan के मध्यस्थों ने कहा है कि जनाजे के बाद जल्द ही अगली बैठकें तय की जाएंगी।

कूटनीति के बीच तनाव भी बढ़ा है। ईरानी आर्मी चीफ Major Gen. Amir Hatami ने 3 जुलाई को सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की बात कही। उन्होंने इसके लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया। वहीं UN ने भी सैन्य टकरावों पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा है।

दोनों देशों ने 17 जून 2026 को एक MoU साइन किया था, जिसके तहत 60 दिनों के भीतर शांति समझौता करने की कोशिश की जा रही है। इसी समझौते के तहत General License X के जरिए ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाया गया है।

इस पूरी हलचल का असर तेल की कीमतों पर साफ़ दिखा। 1 जुलाई 2026 को Brent और WTI तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गईं। बाजार में यह उम्मीद है कि प्रतिबंध हटने से ईरान का तेल फिर से ग्लोबल मार्केट में आएगा, जिससे सप्लाई बढ़ेगी। हालांकि, कुछ खरीदार अब भी इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि कहीं दोबारा प्रतिबंध न लग जाएं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.