US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान पहुंचेगी दोनों देशों की टीम, लेकिन ईरान ने दावों को किया खारिज
अमेरिका और ईरान के बीच शांति बहाली के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार को बैठक होनी थी। पाकिस्तान ने इस मुलाकात के लिए काफी तैयारियां की थीं और सुरक्षा के लिए 20,000 जवान तैनात किए थे। हालांकि, जहां अमेरिका इसे लेकर काफी उम्मीद जता रहा है, वहीं ईरान की तरफ से इन खबरों को गलत बताया गया है।
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पाकिस्तान में बैठक को लेकर क्या है पूरा मामला?
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पहुंचना था। यह शांति वार्ता का दूसरा दौर था। इससे पहले 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ था, जो बुधवार, 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बातचीत को सफल बनाने के लिए ईरान के राष्ट्रपति से बात की और दोनों देशों के राजदूतों के साथ अलग-अलग मीटिंग्स की हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद चल रहा है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके एक जहाज को जब्त कर लिया है और उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी की है, जिसकी वजह से बातचीत में दिक्कत आ रही है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर डील नहीं हुई तो वह ईरान के पावर प्लांट को निशाना बना सकते हैं। उन्होंने ‘Operation Midnight Hammer’ का जिक्र करते हुए ईरान की परमाणु साइटों को पूरी तरह खत्म करने की चेतावनी दी है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt का कहना है कि वे एक समझौते के करीब हैं।
इस पूरी बातचीत में कौन-कौन शामिल है?
इस शांति वार्ता में दोनों देशों के बड़े नेता और अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| देश | प्रमुख व्यक्ति/प्रतिनिधि |
|---|---|
| United States | President Donald Trump, JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| Iran | President Masoud Pezeshkian, Speaker Mohammad Ghalibaf, Foreign Minister Abbas Araghchi, Esmaeil Baqaei |
| Pakistan | Prime Minister Shehbaz Sharif |