अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान एक बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है. व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान आने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने Vance के चयन को पाकिस्तान के लिए एक सकारात्मक खबर बताया है. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने दोनों देशों को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है और उम्मीद जताई है कि यह बातचीत सफल रहेगी.

क्या है शांति वार्ता का पूरा शेड्यूल?

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का पहला दौर शनिवार 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में शुरू होने वाला है. यह बैठक एक सुरक्षित सैन्य ठिकाने पर आयोजित की जाएगी और इसके कई दिनों तक चलने की संभावना है. पाकिस्तान ने दोनों पक्षों को अपने पुराने विवाद सुलझाने और एक निर्णायक समझौते पर पहुंचने के लिए आमंत्रित किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मिशन के लिए JD Vance पर भरोसा जताया है.

प्रतिनिधिमंडल में कौन से बड़े चेहरे शामिल होंगे?

इस शांति वार्ता में शामिल होने के लिए दोनों देशों की तरफ से बड़े अधिकारी और अनुभवी लोग पाकिस्तान पहुंच रहे हैं. अमेरिका की तरफ से विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी टीम का हिस्सा होंगे. वहीं ईरान की ओर से उनके विदेश मंत्री और संसदीय अध्यक्ष के अलावा सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

पक्ष मुख्य प्रतिनिधि
अमेरिका JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान Abbas Araqchi, Bagher Ghalibaf
मेजबान प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif

ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि कर दी है. हालांकि ईरान ने युद्धविराम के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं लेकिन फिलहाल दोनों पक्ष इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर बात करने को तैयार हैं. यह बातचीत क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.