अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म हो सकता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में बड़ी प्रगति हुई है। इस बातचीत के जरिए एक शांति समझौता कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं, जिससे इस क्षेत्र में युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।

🚨: Philippines Fire: मनीला में लगी भीषण आग, 7000 से ज़्यादा लोग हुए बेघर, सरकार ने शुरू किया राहत बचाव कार्य

इस समझौते में क्या-क्या शर्तें रखी गई हैं?

इस संभावित समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। इस बातचीत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • युद्ध की समाप्ति: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना: ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगें हटाएगा ताकि व्यापारिक जहाजों का आवागमन फिर से सामान्य हो सके।
  • प्रतिबंधों में ढील: इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा और प्रतिबंधों में कुछ ढील देगा।
  • इजराइल और हिजबुल्लाह का मुद्दा: इस समझौते का असर इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष पर भी पड़ेगा, जिसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समझौते के कुछ पहलुओं पर चिंता जताई है।

विभिन्न देशों के नेताओं और मंत्रियों ने क्या कहा?

इस बड़े घटनाक्रम पर विभिन्न देशों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं और इस समझौते को लेकर अपनी राय रखी है:

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की और उम्मीद जताई कि अगली बैठक पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक बड़ा समझौता लगभग तैयार है और इसकी पूरी जानकारी जल्द ही सबके सामने रखी जाएगी।
  • अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत में प्रगति की बात स्वीकार की लेकिन फिलहाल बहुत ज्यादा उत्साहित न होने की सलाह दी है।
  • ईरान के विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपनी संप्रभुता के साथ समझौता किए बिना कूटनीति का रास्ता अपनाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस समझौते में ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी शामिल है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनकी बातचीत का मुख्य फोकस सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने पर है। उन्होंने अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने से इनकार किया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को सौंपने के लिए तैयार हुआ है।

इस बातचीत में किन-किन क्षेत्रीय देशों की भूमिका है?

पाकिस्तान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। इसके साथ ही सऊदी अरब, कतर, तुर्की, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन जैसे देश भी इस पूरी शांति प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com