US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान की कोशिश बेकार, ईरान ने नहीं दी आने की पुष्टि, ट्रंप ने दी हमले की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान ने अभी तक बातचीत के लिए आने की पुष्टि नहीं की है। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर समझौता नहीं हुआ तो बड़े हमले हो सकते हैं।
सीजफायर कब खत्म होगा और ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका और ईरान के बीच लगा दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो जाएगा। पाकिस्तान के मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक यह सुबह 4:50 बजे खत्म होगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बुधवार शाम तक बताया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि वह सीजफायर आगे नहीं बढ़ाएंगे और अगर डील नहीं हुई तो बमबारी शुरू हो सकती है। उन्होंने ईरान से आठ महिलाओं को रिहा करने की मांग भी की है।
ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?
ईरानी राज्य टेलीविजन ने साफ कर दिया है कि उनका कोई भी प्रतिनिधि अभी पाकिस्तान नहीं पहुंचा है। ईरान के मुख्य वार्ताकार गालिबाफ ने कहा कि वह धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे। उनका कहना है कि अमेरिका को अपना व्यवहार बदलना होगा, तभी ईरान शांति वार्ता में शामिल होने के बारे में सोचेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले कहा था कि वह समझौते के बहुत करीब थे लेकिन अमेरिका की जिद ने रास्ता रोका।
पाकिस्तान की स्थिति और चीन का नजरिया
पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है और इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान केवल एक संदेशवाहक की तरह काम कर रहा है और उसके पास इतनी साख नहीं है कि वह इस बड़े विवाद को सुलझा सके। वहीं चीन ने इस स्थिति को युद्ध और शांति के बीच का एक नाजुक समय बताया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी की है जिससे कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा है।