अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर कोशिशें शुरू हो गई हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम कड़ी की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हो सके।

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US-Iran बातचीत में पाकिस्तान का क्या रोल है?

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बात नहीं हो रही है, इसलिए पाकिस्तान एक बिचौलिये के तौर पर काम कर रहा है। 21 मई 2026 को पाकिस्तानी अधिकारी तेहरान पहुंचे ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir भी इस प्रयास को मजबूत करने के लिए तेहरान जा रहे हैं।

  • पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi ने 20 और 21 मई 2026 को तेहरान का दौरा किया।
  • अमेरिका ने अपने प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुँचाए हैं।
  • हालांकि, वाशिंगटन में कुछ लोग पाकिस्तान की इस भूमिका पर शक कर रहे हैं क्योंकि खबरों के मुताबिक पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने दिए थे।

डोनाल्ड ट्रंप और मार्को रुबियो ने क्या चेतावनी दी?

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि राष्ट्रपति की पसंद एक अच्छी डील है और उन्हें कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को वापस हासिल करेगा। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो कुछ ही दिनों में फिर से हमले शुरू किए जा सकते हैं।

ईरान का इस प्रस्ताव पर क्या कहना है?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पुष्टि की है कि उन्हें अमेरिका के नए प्रस्ताव मिल गए हैं और वे अभी उनकी समीक्षा कर रहे हैं। ईरान ने ये प्रस्ताव पाकिस्तानी चैनलों के माध्यम से प्राप्त किए हैं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध की स्थिति वापस आती है तो इसमें कई नए और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कौन करा रहा है?

पाकिस्तान इस बातचीत में बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारी और आर्मी चीफ Asim Munir इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान जा रहे हैं।

अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका का क्या प्लान है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो कुछ ही दिनों में फिर से सैन्य हमले शुरू हो सकते हैं और अमेरिका यूरेनियम के भंडार को वापस लेगा।