अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान इस मामले में बीच-बचाव कर रहा है और वॉशिंगटन से भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है। इस शांति प्रक्रिया पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
इस्लामाबाद वार्ता और अभी की क्या स्थिति है?
पाकिस्तान की मध्यस्थता में 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में बड़ी बैठक हुई थी। यह बातचीत 21 घंटे तक चली लेकिन किसी समझौते पर मुहर नहीं लग पाई। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे JD Vance ने बताया कि ईरान ने अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का वादा करे। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अप्रैल को कहा कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है और बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
सीजफायर की समय सीमा और दोनों देशों की मांगें
दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से दो हफ्ते का सीजफायर चल रहा है, जो 22 अप्रैल को खत्म होगा। खबर है कि इसे अगले दो हफ्तों के लिए बढ़ाने पर दोनों पक्ष मान गए हैं। अमेरिका ने शर्त रखी है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोला जाए। दूसरी तरफ ईरान ने अपनी जमी हुई संपत्ति वापस मांगी है और हिज़्बुल्लाह पर इजरायली हमलों को रोकने की मांग की है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ |
| 11-12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में 21 घंटे लंबी शांति वार्ता हुई |
| 12 अप्रैल 2026 | JD Vance ने बताया कि कोई समझौता नहीं हो पाया |
| 14 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की |
| 15 अप्रैल 2026 | डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म होने वाला है |
| 22 अप्रैल 2026 | मौजूदा सीजफायर खत्म होने की तारीख |
इस शांति प्रक्रिया में किन देशों की भूमिका है?
पाकिस्तान के अलावा ओमान, मिस्र और तुर्की भी बातचीत शुरू करवाने में मदद कर रहे हैं। सऊदी अरब और चीन ने भी पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा है कि बातचीत फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब और तुर्की का दौरा कर रहे हैं ताकि शांति प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।
