US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान में फिर होगी अमेरिका और ईरान की बात, परमाणु हथियारों और नाकेबंदी पर फंसा है मामला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत की कोशिश हो रही है। इस बार अमेरिकी टीम पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रही है ताकि ईरान के साथ शांति समझौते पर चर्चा की जा सके। हालांकि, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी है और मामला अभी भी काफी उलझा हुआ है।
इस बार अमेरिका की ओर से कौन जा रहा है?
इस राउंड की बातचीत का नेतृत्व स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner करेंगे। ये दोनों शनिवार (25 अप्रैल) को इस्लामाबाद के लिए रवाना होंगे। पिछले दौर की बातचीत का नेतृत्व Vice President JD Vance ने किया था, लेकिन इस बार वे नहीं जा रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि Vance अभी भी इस प्रक्रिया से जुड़े हैं और जरूरत पड़ने पर यात्रा कर सकते हैं।
ईरान का क्या कहना है और क्या है विवाद?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी। ईरान अपनी बातें पाकिस्तानी अधिकारियों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों और Strait of Hormuz की नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक पूरी तरह से युद्धविराम मुमकिन नहीं है।
बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट क्या है?
अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान अपने परमाणु सामान को सौंप दे और वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दूसरी तरफ, ईरान का मानना है कि अमेरिका उन्हें धोखा दे रहा है और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को जवाब देने का समय देने के लिए युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी है, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास बना हुआ है।