अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान में बातचीत की तैयारी हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए अपनी टीम भेजी है, लेकिन ईरान ने सीधे बात करने से मना कर दिया है। इस पूरी खींचतान के बीच दुनिया की नज़रें अब इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या कोई समझौता हो पाएगा या मामला और बिगड़ेगा।

पाकिस्तान में क्या होने वाली है बातचीत और कौन ले रहा है हिस्सा?

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई अब स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं, जबकि जेडी वेंस स्टैंडबाय पर रहेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद पहुँच चुके हैं। हालांकि, ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिकी अधिकारियों से सीधे नहीं मिलेगा, बल्कि पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में दोनों पक्षों के प्रस्ताव एक-दूसरे तक पहुँचाएगा।

बातचीत में क्या रुकावटें आईं और ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?

शुरुआत में जेडी वेंस को बातचीत के लिए भेजा जाना था, लेकिन ईरान ने अमेरिकी नौसेना द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे। इस तनाव और आपसी अविश्वास के कारण पहले कई दौर की बातचीत टल गई थी।

अभी की ताज़ा स्थिति क्या है और अमेरिका की क्या माँग है?

व्हाइट हाउस ने बातचीत में कुछ प्रगति होने की उम्मीद जताई है। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान से अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने की अपील की है ताकि एक अच्छा समझौता हो सके। फिलहाल तेहरान में न युद्ध और न ही शांति वाली स्थिति बनी हुई है, जिससे वहाँ के व्यापार और कारोबार पर असर पड़ रहा है।