अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अब पूरी तरह रुक गई है। 11 मई 2026 को यह साफ हो गया कि दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मची है, जिससे सोने की कीमतों में गिरावट आई है और कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी थीं

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाए ने कहा कि उनका प्रस्ताव बहुत उदार और तर्कसंगत था। ईरान ने अपनी मांगों में युद्ध को तुरंत खत्म करने और अपनी जमी हुई संपत्तियां वापस लेने की बात कही। ईरान की मुख्य मांगों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

मुख्य मांग विवरण
युद्ध विराम सभी मोर्चों पर युद्ध का तुरंत अंत हो
समुद्री नाकाबंदी ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से नाकाबंदी हटे
संपत्ति की वापसी ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस की जाए
क्षेत्रीय सुरक्षा लेबनान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की गारंटी मिले
हमलों पर रोक भविष्य में ईरान पर हमले न करने का आश्वासन मिले
मुआवजा युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए
परमाणु मुद्दा यूरेनियम स्टॉक को तीसरे देश में ट्रांसफर करना
तेल प्रतिबंध बातचीत के दौरान 30 दिनों के लिए तेल प्रतिबंध हटाना

अमेरिका का जवाब और आगे की रणनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने Truth Social पर लिखा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह अस्वीकार्य है। अमेरिका का कहना है कि पहले लड़ाई बंद होनी चाहिए, उसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर बात होगी। अमेरिका चाहता है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का रास्ता साफ रहे और ईरान परमाणु हथियार न बना पाए।

अब इस मामले को सुलझाने के लिए अमेरिका चीन की मदद लेगा। राष्ट्रपति ट्रंप 15 मई 2026 से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, जिसमें ईरान का मुद्दा मुख्य चर्चा का विषय होगा। वहीं, ईरान ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि वे इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत न भेजें।

बाजार और आम लोगों पर असर

जैसे ही शांति वार्ता के विफल होने की खबर आई, बाजार में तनाव बढ़ गया। विश्लेषकों का कहना है कि राजनयिक समाधान की उम्मीदें कम होने की वजह से सोने की कीमतों में गिरावट आई है। दूसरी तरफ, तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है, जिससे आने वाले समय में ईंधन महंगा हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों रुकी

ईरान ने शांति के लिए एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया, जिससे बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया।

इस तनाव का सोने और तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा

शांति वार्ता विफल होने के कारण बाजार की उम्मीदें बदल गईं, जिससे सोने के दाम गिर गए और कच्चे तेल की लागत बढ़ गई।