अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance रविवार, 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के Bürgenstock Resort पहुंचे। यहाँ वह ईरान के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इस बातचीत का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौते (interim agreement) को लागू करना है।
दोनों देशों के बीच 17 जून 2026 को एक समझौता (MoU) इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन किया गया था। अब इस समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए तकनीकी बातचीत शुरू होगी। इस बैठक में पाकिस्तान और कतर भी मध्यस्थ (mediators) के तौर पर शामिल हैं। पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं।
समझौते की मुख्य बातें
- सभी सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकना होगा।
- ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा होगी।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे जरूरी समुद्री रास्तों को फिर से खोलने का फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
इस बीच दोनों देशों के बीच तनाव भी देखा गया। ईरान ने शनिवार, 20 जून 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का दावा किया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने कहा कि इसराइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाई, जो समझौते का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वादों को पूरा नहीं किया गया, तो पूरा समझौता खतरे में पड़ सकता है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर 60 दिनों के भीतर फाइनल डील नहीं हुई, तो अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी टोल टैक्स लगाएगा। हालांकि, उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि उन्हें रास्ता बंद होने का कोई सबूत नहीं मिला है और पिछले कुछ दिनों में लाखों बैरल तेल वहां से आसानी से गुजरा है।
इस बैठक में अमेरिका की तरफ से स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालिबाफ कर रहे हैं। बैठक के पहले दिन इसराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए एक इमरजेंसी सेशन भी रखा गया है।
