अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि अब अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने के बजाय फ़ोन का इस्तेमाल करेगा। ट्रंप का कहना है कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु हथियारों के इरादे पूरी तरह छोड़ने होंगे।

ℹ: Trump का बड़ा दांव, ईरान की घेराबंदी जारी रखने की तैयारी, तेल कंपनियों के साथ मीटिंग कर बनाया प्लान

बातचीत का तरीका क्यों बदला और क्या है ट्रंप की शर्त

राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि अब वे हर बार कागजात देखने के लिए 18 घंटे की लंबी उड़ानें नहीं भरेंगे और टेलीफोन के जरिए बातचीत करना ज्यादा बेहतर है। इसी वजह से अमेरिकी दूतों की इस्लामाबाद जाने वाली यात्रा को रद्द कर दिया गया। हालांकि, पाकिस्तान अब भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

  • ट्रंप ने साफ कहा कि जब तक ईरान परमाणु हथियारों पर पूरी तरह सहमत नहीं होता, तब तक कोई डील नहीं होगी।
  • ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि अगर अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा, लेकिन ट्रंप ने इसे ठुकरा दिया।
  • रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी मदद की पेशकश की थी, लेकिन ट्रंप ने उन्हें यूक्रेन युद्ध पर ध्यान देने को कहा।

ईरान युद्ध और नाकाबंदी का कितना हुआ नुकसान

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कांग्रेस को बताया कि ईरान के साथ इस युद्ध में अब तक अमेरिका का काफी पैसा खर्च हो चुका है। वहीं, CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की वजह से ईरान को भारी आर्थिक चोट पहुंची है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
युद्ध का कुल खर्च लगभग 25 बिलियन डॉलर
नाकाबंदी की शुरुआत 13 अप्रैल 2026
मोड़े गए जहाजों की संख्या 41 जहाज
रोका गया तेल 69 मिलियन बैरल
अनुमानित आर्थिक नुकसान 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा

ईरान का रुख और सैन्य स्थिति क्या है

ईरान के न्याय मंत्री Amin Rahimi ने कहा कि देश की सभी संस्थाएं सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसलों के साथ हैं और किसी भी निर्णय के लिए सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी है। ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता को नहीं छोड़ेगा। सैन्य मोर्चे पर, USS Gerald R. Ford एयरक्राफ्ट कैरियर और उसका स्ट्राइक ग्रुप आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट से बाहर निकल जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने पाकिस्तान में सीधी बातचीत क्यों बंद की

राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वे अब लंबी उड़ानों के बजाय फोन के जरिए बात करना पसंद करते हैं, इसलिए पाकिस्तान जाने वाली यात्रा रद्द कर दी गई।

अमेरिका की ईरान के लिए सबसे बड़ी शर्त क्या है

अमेरिका का कहना है कि जब तक ईरान इस बात पर सहमत नहीं होता कि वह कोई परमाणु हथियार नहीं रखेगा, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.