US-Iran Tension: अमेरिकी नाकाबंदी पर ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी, बंदरगाहों को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान ने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी, तो वह भी इसका करारा जवाब देगा। इस खींचतान के बीच दुनिया की नजरें अब तेल की कीमतों और समुद्री रास्तों पर टिकी हैं क्योंकि यह पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ़ कर दिया है कि ईरानी जहाजों और बंदरगाहों की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक परमाणु कार्यक्रम पर पूरा समझौता नहीं हो जाता। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ऐलान किया कि Strait of Hormuz को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि जहाजों को गुजरने के लिए IRGC से अनुमति लेनी होगी। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी घेराबंदी नहीं हटी, तो खाड़ी के कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेंगे।
क्षेत्र में शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं?
इस तनाव के बीच इसराइल और हिजबुल्ला के बीच 10 दिनों का ceasefire लागू हो गया है, जिससे उम्मीद जगी है कि अमेरिका और ईरान के बीच भी बातचीत हो सके। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ इस मामले को सुलझाने के लिए तेहरान में मीटिंग कर चुके हैं। साथ ही, फ्रांस और ब्रिटेन ने पेरिस में एक शिखर सम्मेलन बुलाया है ताकि Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने के रास्तों पर चर्चा की जा सके।
मुख्य अपडेट्स और जरूरी तारीखें
| तारीख/संस्था | बड़ा अपडेट |
|---|---|
| 15 अप्रैल 2026 | CENTCOM ने नाकाबंदी को पूरी तरह लागू कर दिया |
| 17 अप्रैल 2026 | इसराइल और हिजबुल्ला के बीच ceasefire शुरू हुआ |
| 17 अप्रैल 2026 | ईरान ने Strait of Hormuz को कमर्शियल जहाजों के लिए खोला |
| 19 अप्रैल 2026 | ईरानी तेल निर्यात के लिए अमेरिकी छूट की समयसीमा खत्म होगी |
| Donald Trump | समझौता 100% पूरा होने तक नाकाबंदी जारी रखने का फैसला |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है |
| फ्रांस और ब्रिटेन | पेरिस में समुद्री रास्तों को खोलने के लिए मीटिंग आयोजित की |