अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की चर्चा तेज हो गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसकी शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो वह किसी भी फाइनल डील पर साइन नहीं करेगा। यह मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।

शर्तें पूरी नहीं हुईं तो नहीं होगा समझौता

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि दोनों देशों के बीच पहले एक शुरुआती समझौता यानी MOU होगा। इस MOU के बाद अमेरिका को अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए, तो हालात फिर से पहले जैसे खराब हो सकते हैं।

डिजिटल तरीके से हो सकता है साइन

इस डील को साइन करने का तरीका भी काफी अलग हो सकता है। Araghchi ने कहा कि समझौते के टेक्स्ट पर फैसला ईरान की Supreme National Security Council लेगी। अगर काउंसिल इसे मंजूरी दे देती है, तो इस डील को रिमोटली या डिजिटल तरीके से साइन किया जा सकता है। उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के साथ समझौता अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है।

ईरान की मुख्य मांगें और शर्तें

ईरान ने अपनी कुछ शर्तें बहुत साफ रखी हैं, जिन्हें पूरा करना अमेरिका के लिए जरूरी होगा:

  • समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) को पूरी तरह से हटाया जाए।
  • ईरान की जो संपत्ति विदेश में फ्रीज की गई है, उसे वापस रिलीज किया जाए।
  • परमाणु सामग्री ईरान के अंदर ही रहेगी, उसे बाहर नहीं भेजा जाएगा।
  • Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से ईरान अब सर्विस फीस वसूलेगा।

अमेरिका और इसराइल का क्या कहना है

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते को एक ‘बड़ा सेटलमेंट’ बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह डील बहुत जल्द, शायद इसी वीकेंड यूरोप में साइन हो जाए। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि ईरान को कोई नकद पैसा (cash) नहीं दिया जाएगा और आर्थिक लाभ तभी मिलेंगे जब ईरान अपनी शर्तें पूरी करेगा।

दूसरी तरफ, इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि इसराइल की उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि इस समझौते के बाद ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

अभी डील फाइनल नहीं हुई है

भले ही बड़े नेताओं के बयान सकारात्मक हैं, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने एक अलग बात कही है। उन्होंने कहा कि डील फाइनल होने की खबरें सिर्फ अटकलें हैं और अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी ‘रेड लाइन्स’ से कोई समझौता नहीं करेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.