अमेरिका और ईरान के बीच एक शुरुआती समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब हैं। लेकिन इसी बीच कुवैत पर हुए हमले और परमाणु मुद्दों पर मतभेदों के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
ℹ️: UAE पर ईरान से सबसे बड़ा हमला, दागे हजारों मिसाइल और ड्रोन, 120 अरब डॉलर का हुआ भारी नुकसान।
क्या है अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला यह नया समझौता?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौता होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत पहले चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापारिक जहाजों के लिए खोला जाएगा और अमेरिका अपनी पाबंदियों में ढील देगा। इसके बाद अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शुरू होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कुछ मुद्दों को सुलझाना बाकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस समझौते को अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
यूरेनियम और कुवैत पर हमले से क्यों बढ़ गया है तनाव?
इस संभावित समझौते के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव अचानक बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसे कुवैत ने हवा में ही रोक दिया। कुवैत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। दूसरी तरफ, अमेरिका की शर्त है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) नष्ट करने के लिए सौंपना होगा, लेकिन ईरान के सूत्रों ने इस बात से साफ इनकार किया है कि वे अपना परमाणु स्टॉक किसी को सौंपेंगे।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?
कुवैत और आस-पास के खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे तौर पर उड़ानों और समुद्री व्यापार को प्रभावित करता है। अगर यह समझौता सफल रहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है, तो प्रवासियों के लिए यात्रा और व्यापार करना काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?
नहीं, अभी समझौता फाइनल नहीं हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि दोनों देश समझौते के करीब हैं, लेकिन यूरेनियम स्टॉक को लेकर कुछ मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है।
कुवैत पर हाल ही में क्या हमला हुआ था?
ईरान के सुरक्षा बलों ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइल दागे थे, जिन्हें सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया था और कुवैत ने इसकी निंदा की है।