West Asia में चल रहे संकट को खत्म करने के लिए अमेरिका ने ईरान को एक प्रस्ताव भेजा है। ईरान गुरुवार, 7 मई 2026 को इस प्रस्ताव पर अपना जवाब दे सकता है। दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।

US के प्रस्ताव में क्या खास बातें हैं?

अमेरिका ने ईरान को एक पेज का 14 पॉइंट वाला प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य तुरंत युद्ध रोकना और शांति लाना है। इस डील के तहत कुछ मुख्य शर्तें रखी गई हैं:

  • सीजफायर: सबसे पहले तुरंत युद्ध रोकने की बात कही गई है।
  • बातचीत का समय: एक व्यापक समझौते के लिए 30 दिनों की बातचीत की खिड़की (negotiation window) रखी गई है।
  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान को अपने परमाणु संवर्धन (nuclear enrichment) पर 12 से 15 साल के लिए रोक लगानी होगी।
  • पाबंदियां: इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगी पाबंदियां हटाएगा और उसके फ्रीज किए गए अरबों डॉलर वापस करेगा।
  • समुद्री रास्ता: दोनों देश Strait of Hormuz में तनाव कम करने और आवाजाही को आसान बनाने पर सहमत होंगे।

ईरान और अमेरिका के नेताओं ने क्या कहा?

इस डील को लेकर दोनों तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है। वहीं ईरान के नेताओं ने इस प्रस्ताव पर संदेह जताया है।

मुख्य बयान इस प्रकार हैं:

  • Donald Trump: उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बहुत अच्छी बातचीत हुई है और डील होने की पूरी संभावना है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानीं तो सैन्य बमबारी पहले से कहीं ज्यादा तीव्रता के साथ शुरू हो सकती है।
  • ईरानी विदेश मंत्रालय: प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि तेहरान अपना जवाब देगा, लेकिन यह भी साफ किया कि दबाव में बातचीत नहीं हो सकती।
  • ईरानी सांसद Ebrahim Rezaei: उन्होंने अमेरिका के इस प्रस्ताव को वास्तविकता के बजाय केवल एक ‘विश-लिस्ट’ (इच्छा सूची) बताया है।
  • Mohammad Baqer Qalibaf: ईरान के संसद स्पीकर ने डील की खबरों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ‘Operation Trust Me Bro’ फेल हो गया है।

पाकिस्तान की भूमिका और मौजूदा तनाव

इस पूरी प्रक्रिया में Pakistan एक मुख्य बिचौलिये के तौर पर काम कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संदेश भेजने का काम मुख्य रूप से पाकिस्तान के जरिए हो रहा है। अमेरिका की तरफ से Steve Witkoff और Jared Kushner इस डिप्लोमैटिक कोशिश की अगुवाई कर रहे हैं।

राजनयिक कोशिशों के बीच जमीन पर तनाव अब भी जारी है। बुधवार को अमेरिकी नेवी के एक युद्धक विमान ने ईरान के एक तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया क्योंकि उसने ब्लॉकेड को पार करने की चेतावनी को नजरअंदाज किया था। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि बातचीत में प्रगति होने के कारण Strait of Hormuz में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को फिलहाल रोका गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच डील के लिए कौन बीच-बचाव कर रहा है?

इस बातचीत में Pakistan मुख्य बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संचार का प्राथमिक माध्यम बना हुआ है।

अमेरिका ने ईरान को क्या प्रस्ताव दिया है?

अमेरिका ने एक पेज का 14 पॉइंट वाला प्रस्ताव दिया है जिसमें तुरंत सीजफायर और 30 दिनों तक बातचीत कर परमाणु कार्यक्रम और पाबंदियों पर समझौता करने की बात है।