अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने का बड़ा फैसला किया है। अब दोनों देशों के बीच मंगलवार, 30 जून 2026 को कतर की राजधानी दोहा में एक अहम बैठक होगी। इस मुलाकात का मुख्य मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) में तनाव को कम करना है ताकि दुनिया भर के समुद्री जहाजों की आवाजाही फिर से सुरक्षित हो सके।

यह फैसला हाल ही में हुए उन टकरावों के बाद आया है जिसने इलाके की शांति को खतरे में डाल दिया था। बता दें कि 25 जून को एक सिंगापुर के कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। जवाब में ईरान ने रविवार, 28 जून को कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस तनाव के कारण ईरान ने 28 जून को होने वाली तकनीकी बातचीत में हिस्सा नहीं लिया था।

समझौते और विवाद की मुख्य बातें

  • दोनों देशों ने फिलहाल सभी सैन्य हमलों यानी ‘काइनेटिक एक्टिविटी’ को रोकने पर सहमति जताई है।
  • 17 जून 2026 को एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसमें ईरान ने जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने की बात कही थी।
  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के कंट्रोल को लेकर विवाद जारी है। ईरान चाहता है कि रास्ता उसके तट के पास से हो, जबकि अमेरिका ओमान के तट के पास वाले रास्ते का समर्थन करता है।
  • अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच तालमेल के लिए एक ‘हॉटलाइन’ बनाने की बात हुई थी, लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो पाई है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कन्फर्म किया है कि अब दोनों पक्ष पीछे हटेंगे ताकि जहाज बिना किसी डर के चल सकें। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान की सहमति के बिना कोई अलग इंतजाम किया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि जब तक ईरान इस समुद्री रास्ते को मैनेज करेगा, अमेरिका के क्षेत्रीय सपने पूरे नहीं होंगे।

इरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि वे समुद्री ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए कदम उठा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों से सख्ती से निपटेंगे। इस पूरे तनाव के बीच कतर से दुखद खबर आई है, जहाँ 28 जून को सैन्य ऑपरेशंस के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक कतरी नागरिक की मौत हो गई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.