अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है। अब दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ते दिख रहे हैं और सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
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अमेरिका ने क्या किया और ईरान का क्या कहना है
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने गुरुवार, 11 जुलाई 2026 को अमेरिका के ट्रेजरी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने आपसी समझौते (MoU) के पैराग्राफ 9 का उल्लंघन किया है। Araghchi के मुताबिक, ईरान ने अपना वादा निभाया है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है।
यह पूरा विवाद अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों से शुरू हुआ। अमेरिका ने 8 लोगों और 6 संस्थाओं को निशाने पर लिया है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर को फंड पहुँचाने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है।
क्या था दोनों देशों के बीच समझौता
दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था, जिसके पैराग्राफ 9 में कुछ शर्तें थीं। इसके मुताबिक अमेरिका नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही इस क्षेत्र में अपनी सेना बढ़ाएगा। इसके बदले में ईरान ने तय किया था कि जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, वह अपना परमाणु काम दोबारा शुरू नहीं करेगा।
ट्रम्प का बयान और ईरान की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उसी दिन ऐलान कर दिया कि ईरान के साथ सीजफायर अब खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत तो जारी रहेगी, लेकिन सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
इस पर पलटवार करते हुए ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Ghalibaf ने कहा कि ईरान अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेकेगा। उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका समझौते को तोड़ता है, तो ईरान अपनी पूरी ताकत के साथ बचाव के लिए तैयार है।
तनाव के बीच अब विदेश मंत्री Araghchi ओमान जाने वाले हैं, जहाँ Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
