अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ कर दिया है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को तभी हटाया जाएगा जब वह अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह निभाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी परमाणु समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं लेकिन साथ ही सख्त चेतावनी दी है कि जब तक ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक उसे कोई आर्थिक राहत नहीं मिलेगी।

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अमेरिका की ईरान को दो टूक, प्रतिबंध हटाने के लिए रखी बड़ी शर्तें

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर से प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से उसकी हरकतों और वादों को पूरा करने पर निर्भर करेगी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही देते हुए स्पष्ट किया है कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी मिल सकती है जब वह अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे या उस पर लंबी अवधि के कड़े नियंत्रण स्वीकार करे। अमेरिका इस बात पर भी अड़ा है कि जब तक जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं दिखते, तब तक ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण खत्म करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।

‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान के तहत अमेरिका ने कड़े किए नियम

अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अपने ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान के तहत नए प्रतिबंध भी जारी किए हैं। इसके तहत एलपीजी तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क और ईरान के कुछ करेंसी एक्सचेंज हाउस को निशाना बनाया गया है। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी रुख पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान भारी संदेह और अविश्वास के माहौल में हो रहा है और अमेरिकी नीतियां इस कूटनीतिक प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को जल्द हटाने जा रहा है?

नहीं, अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक ईरान अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह बंद नहीं करता और अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

अमेरिका के ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान का क्या उद्देश्य है?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के राजस्व स्रोतों को रोकना है। इसके तहत हाल ही में एलपीजी तस्करी नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन करने वाले एक्सचेंज हाउस पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.