समुद्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के जहाजों को पकड़ लिया है, जिससे पूरी दुनिया के व्यापार और शिपिंग पर असर पड़ सकता है। International Chamber of Shipping ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे नियमों के खिलाफ बताया है।

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अमेरिका और ईरान ने किन जहाजों को पकड़ा और क्यों

US ने 19 और 20 अप्रैल 2026 को ईरान के कार्गो शिप Touska को पकड़ लिया। अमेरिका का कहना है कि जहाज ने उनकी चेतावनी का जवाब नहीं दिया था। वहीं, ईरान ने 23 अप्रैल को दो कंटेनर शिप MSC Francesca और Epaminondas को अपने कब्जे में ले लिया। ईरान के UN मिशन का आरोप है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़कर उनके जहाज को पकड़ा और यह समुद्री डकैती जैसा काम है।

शिपिंग बॉडी और अंतरराष्ट्रीय कानून का क्या कहना है

International Chamber of Shipping (ICS) के मरीन डायरेक्टर John Stawpert ने कहा कि जहाजों को राजनीतिक कारणों से पकड़ना गलत है। उन्होंने साफ किया कि नाविकों को बिना किसी डर के काम करने की आजादी होनी चाहिए। ICS के मुताबिक, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। साथ ही, ईरान ने Strait of Hormuz में टोल टैक्स वसूलने की बात कही है, जिसे कानूनन गलत बताया गया है।

इस विवाद से आम लोगों और व्यापार पर क्या असर होगा

  • जब समुद्र में ऐसे झगड़े होते हैं, तो माल ढोने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
  • शिपिंग कंपनियों का खर्चा बढ़ता है जिससे सामान की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
  • Touska जहाज में मेडिकल उपकरण और डायलिसिस की जरूरी सप्लाई होने की खबर है, जिससे मरीजों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।
  • Gulf देशों के रास्ते होने वाले व्यापार में देरी हो सकती है, जिसका असर प्रवासियों और व्यापारियों पर पड़ता है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com