अमेरिका और ईरान ने अपनी पुरानी दुश्मनी को खत्म करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने एक 14 सूत्रीय समझौते (MoU) पर डिजिटल हस्ताक्षर किए हैं। इस फैसले से अब दोनों देशों के बीच चल रही लड़ाई रुक जाएगी और दुनिया के लिए बेहद जरूरी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जाएगा।
यह समझौता बुधवार, 17 जून 2026 को हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस पर सहमति जताई है। इस डील में यह तय हुआ है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देश बातचीत करेंगे, ताकि प्रतिबंधों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक अंतिम फैसला लिया जा सके। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
समझौते की मुख्य बातें
इस 14 सूत्रीय समझौते में कई अहम शर्तें रखी गई हैं, जो आने वाले दिनों में दुनिया की राजनीति और तेल की कीमतों पर असर डाल सकती हैं:
| मुख्य प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| सैन्य ऑपरेशन | अमेरिका और ईरान सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह खत्म करेंगे। |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | 30 दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटा ली जाएगी और रास्ता खुला रहेगा। |
| परमाणु कार्यक्रम | ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अपने यूरेनियम स्टॉक को खत्म करेगा। |
| पुनर्निर्माण फंड | अमेरिका और उसके साथी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर देंगे। |
| तेल प्रतिबंध | ईरानी तेल और ऊर्जा उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को खत्म किया जाएगा। |
इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की जिम्मेदारी अब ईरान और Oman के पास होगी। गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने का काम ईरान करेगा। वहीं, अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा और अपनी सेना को वहां से हटा लेगा।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया और चेतावनी
मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah El-Sisi ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति Trump को इस कामयाबी पर बधाई दी। ब्रिटेन ने भी इस कदम का समर्थन किया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कर दिया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और रक्षा प्रणालियों पर कोई बात नहीं होगी।
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Donald Trump ने सावधानी बरतने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने शर्तों का पालन नहीं किया या उन्हें अंतिम डील पसंद नहीं आई, तो वे फिर से बमबारी शुरू कर सकते हैं।