अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह घेराबंदी कर दी है, जिससे ईरान का समुद्री व्यापार लगभग ठप हो गया है। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की धमकी दी है। इस पूरे मामले से दुनिया के तेल बाजार और सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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अमेरिका ने क्या किया और ईरान ने क्या धमकी दी?

अमेरिकी कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के पोर्ट्स की घेराबंदी पूरी हो चुकी है। अब तक 10 जहाजों को वापस मोड़ा गया और एक भी जहाज इस घेराबंदी को तोड़कर अंदर नहीं जा पाया। अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान की 90% समुद्री अर्थव्यवस्था रुक जाएगी।

दूसरी तरफ ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने इस इलाके में पुलिसिंग करने की कोशिश की, तो ईरान की मिसाइलें अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगी। साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के जमीन पर उतरने की स्थिति में बंधकों को पकड़ने की बात भी कही है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने साफ कर दिया कि उनका देश किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

क्या अब शांति की कोई उम्मीद है और आगे क्या होगा?

इतने तनाव के बावजूद शांति की एक किरण भी दिख रही है। White House के प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर Islamabad में हो सकता है, जहाँ पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई है कि यह युद्ध अब खत्म होने की कगार पर है।

हालांकि, अमेरिका ने बातचीत के लिए दो शर्तें रखी हैं। पहली यह कि ईरान को Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलना होगा और दूसरी यह कि ईरानी प्रतिनिधियों के पास समझौते को अंतिम रूप देने का पूरा अधिकार होना चाहिए। वहीं, मौजूदा युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे बढ़ाने से इनकार किया है।

दुनिया के अन्य देशों का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

देश/संस्था मुख्य बयान/रुख
चीन अमेरिकी घेराबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदार बताया है।
इसराइल अमेरिका के साथ खड़ा है और ईरान की परमाणु क्षमता खत्म करना चाहता है।
पाकिस्तान युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने की वकालत कर रहा है।
US Treasury ईरान के तेल बुनियादी ढांचे और कई लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.