Hormuz Strait Update: अमेरिका ने की ईरान के रास्तों की नाकेबंदी, तेल सप्लाई पर गहराया संकट, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है. अमेरिका ने Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और वहां नाकेबंदी कर दी है. इस वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुक सकती है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है. इस पूरे मामले को लेकर अब दुनिया के बड़े देश चिंता जता रहे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि Strait of Hormuz पर अब उनका पूरा कंट्रोल है और उनकी इजाजत के बिना कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता. यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान के प्रोफेसर Hassan Ahmadian का कहना है कि यह नाकेबंदी सिर्फ एक बहाना है ताकि अमेरिका अपनी सेना की पोजीशन बदल सके. ईरान ने इसके जवाब में कुछ कमर्शियल जहाजों को जब्त किया है और जहाजों से टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है. ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटाता नहीं, तब तक रास्ता नहीं खुलेगा.
तेल की कीमतों और दुनिया पर क्या असर होगा?
International Energy Agency (IEA) के डायरेक्टर Fatih Birol ने चेतावनी दी है कि यह इतिहास का सबसे बड़ा एनर्जी सिक्योरिटी खतरा है. अगर यहाँ तेल की सप्लाई बाधित हुई, तो हर दिन 13 मिलियन बैरल तेल का नुकसान हो सकता है. इससे पूरी दुनिया में तेल महंगा होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो जाएगी. यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस मामले में ईरान पर पाबंदियां बढ़ाने की बात कही है और कहा है कि यह रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए.
अभी तक क्या-क्या बड़े एक्शन हुए हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि अगर कोई भी ईरानी नाव खदानें (mines) बिछाती है, तो उन्हें तुरंत मार गिराया जाए. US Central Command के मुताबिक अब तक 33 जहाजों को वापस भेजा जा चुका है. पेंटागन का मानना है कि अगर इस रास्ते में खदानें बिछा दी गईं, तो उन्हें साफ करने में 6 महीने का समय लग सकता है. वहीं भारत ने इस इलाके में मौजूद अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. चीन अब ऐसे तरीके ढूंढ रहा है जिससे ईरान से तेल की सप्लाई जारी रह सके.
| मुख्य जानकारी | डेटा / विवरण |
|---|---|
| वापस भेजे गए जहाज | 33 जहाज |
| तेल सप्लाई का संभावित नुकसान | 13 मिलियन बैरल प्रतिदिन |
| खदानें साफ करने का समय | 6 महीने तक |
| ईरान का दावा | टोल टैक्स वसूलना शुरू किया |
| अमेरिकी आदेश | खदानें बिछाने वाली नावों को मार गिराना |