अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 45वें दिन एक बड़ा मोड़ आया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने Strait of Hormuz में नाकेबंदी (blockade) लगाने का आदेश दिया है। यह फैसला पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता के फेल होने के बाद लिया गया। इस कदम से समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है और जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।
क्या हैं नाकेबंदी के नियम और ट्रम्प का आदेश?
US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, यह नाकेबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होगी जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने US Navy को आदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में उन सभी जहाजों को रोका जाए जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। साथ ही, उन्होंने समुद्र में ईरान द्वारा बिछाए गए माइन्स (mines) को नष्ट करने का भी निर्देश दिया है। हालांकि, अन्य देशों के बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों को नहीं रोका जाएगा।
ईरान और बाकी देशों ने इस पर क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री डकैती (piracy) बताया है और दावा किया है कि Strait of Hormuz हमेशा उनके नियंत्रण में रहेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि कोई भी सैन्य जहाज पास आने पर उसे कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। वहीं, UAE के अधिकारी सुल्तान अल जाबेर ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है। ब्रिटेन, चीन और जापान ने भी तनाव कम करने की अपील की है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकेबंदी की तारीख | 13 अप्रैल, 2026 |
| शुरुआत का समय | सुबह 10 बजे (ET) |
| विवाद का स्थान | Strait of Hormuz |
| शांति वार्ता का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| युद्ध का दिन | 45वां दिन |
| मुख्य वजह | परमाणु कार्यक्रम पर असहमति |
