US vs Iran: Strait of Hormuz में अमेरिकी सेना ने मचाया हड़कंप, 34 जहाजों का रास्ता बदला, 10 हजार सैनिकों की तैनाती

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुँच गया है। US Central Command ने Strait of Hormuz में ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है। इस वजह से अब तक 34 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। इस पूरे इलाके में भारी मात्रा में अमेरिकी सेना और युद्धपोत तैनात कर दिए गए हैं।

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नाकाबंदी की शुरुआत और अमेरिकी सेना की तैनाती

अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से यह नाकाबंदी शुरू की थी। इसमें ईरान के उन सभी बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है जो अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में आते हैं। इस काम के लिए अमेरिका ने 10,000 से ज़्यादा सैनिक, एक दर्जन से ज़्यादा युद्धपोत और 100 से ज़्यादा फाइटर प्लेन और निगरानी विमान तैनात किए हैं। इसके अलावा गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

कितने जहाजों पर पड़ा असर और क्या हुई कार्रवाई

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth के मुताबिक, अब तक कुल 34 जहाजों को वापस मोड़ दिया गया है। अमेरिकी सेना ने एक कंटेनर जहाज को हिरासत में लिया है और एक प्रतिबंधित टैंकर Touska की तलाशी ली है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार ईरान से जुड़े करीब 34 टैंकर इस नाकाबंदी को चकमा देकर निकलने में कामयाब रहे हैं, जिनमें से 19 जहाज खाड़ी से बाहर गए और 15 जहाज अंदर आए।

ईरान का जवाब और ट्रांजिट फीस का खेल

अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरान ने भी पलटवार किया है। 22 अप्रैल को ईरान ने Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा ईरान ने एक नया तरीका अपनाया है, जहाँ वह रूस जैसे दोस्त देशों को फ्री रास्ता दे रहा है, लेकिन दूसरे देशों के बड़े टैंकरों से करीब 20 लाख डॉलर तक की ट्रांजिट फीस वसूल रहा है।