Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके युद्धपोत ने रास्ता साफ किया, जबकि ईरान का कहना है कि उनके जहाजों ने अमेरिकी युद्धपोत को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। यह पूरी घटना तब हुई जब दोनों देशों की टीमें पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए मिली हुई थीं।

ℹ: West Bank Attack: इसराइली सेटलर्स ने फिलिस्तीनी आदमी की जान ली, इलाके में भारी तनाव और UN की चेतावनी

दोनों देशों के दावों में क्या अंतर है?

इस घटना को लेकर अमेरिका और ईरान दोनों की बातें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। अमेरिका का कहना है कि उनके जहाज सुरक्षित निकले, जबकि ईरान का दावा है कि उसने जहाजों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पक्ष मुख्य दावा
अमेरिका (CENTCOM) दो युद्धपोत (USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy) ने बिना किसी रुकावट के रास्ता पार किया।
ईरान (IRGC) अमेरिकी युद्धपोत को रास्ता रोकने की चेतावनी दी गई, जिसके बाद उसे पीछे हटना पड़ा।

अमेरिका ने क्या जानकारी दी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अप्रैल 2026 को बताया कि अमेरिका Strait of Hormuz को साफ करने का काम शुरू कर चुका है। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के दो गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत इस इलाके से गुजरे ताकि वहां बिछी समुद्री माइन्स को हटाया जा सके। एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि इसका मकसद समुद्री व्यापार के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाना था।

ईरान ने क्या आरोप लगाए?

ईरान की IRNA न्यूज एजेंसी और IRGC ने दावा किया कि उनके जहाजों ने अमेरिकी युद्धपोत का रास्ता रोक दिया था। ईरानी सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को 30 मिनट की चेतावनी दी गई थी कि अगर जहाज आगे बढ़ा तो उस पर हमला होगा। ईरान के कुछ मीडिया हाउस ने तो यह भी कहा कि कोई भी अमेरिकी जहाज इस रास्ते से गुजरा ही नहीं।

शांति वार्ता और मौजूदा स्थिति क्या है?

यह पूरा विवाद ऐसे समय में हुआ जब 8 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान हुआ था। 28 फरवरी 2026 से चल रहे इस युद्ध के बाद, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित की गई। अमेरिका की तरफ से जेडी वैन्स और जारेड कुशनर जैसे लोग शामिल थे, जबकि ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता में हिस्सा ले रहे थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.