अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है। दोनों देश एक छोटे समझौते पर चर्चा कर रहे हैं ताकि लड़ाई रुक सके और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत का मकसद व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खोलना है और सैन्य टकराव को खत्म करना है।
📰: US और Iran के बीच डील की तैयारी, 14 पॉइंट का प्लान तैयार, पर बीच में हुए जोरदार हमले।
30 दिन के समझौते में क्या है और यह क्यों जरूरी है?
दोनों देश 14 पॉइंट के एक समझौते (MoU) पर बात कर रहे हैं। इसमें 30 दिनों के लिए युद्ध रोकने का प्रस्ताव है ताकि आगे की लंबी बातचीत हो सके। अमेरिका चाहता है कि इस दौरान Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि पिछले 24 घंटों में बातचीत अच्छी रही और डील होने की पूरी संभावना है। इसी वजह से उन्होंने ‘Project Freedom’ को भी रोक दिया है, जिसका मकसद फंसे हुए जहाजों को बाहर निकालना था।
ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद और शर्तें क्या हैं?
- परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना यूरेनियम स्टॉक अमेरिका को सौंप दे और 20 साल तक यूरेनियम बनाना बंद करे। वहीं ईरान ने इसे 10 से 15 साल करने और स्टॉक किसी तीसरे देश, जैसे रूस, को देने का सुझाव दिया है।
- पाबंदियां और फंड: इस डील के तहत अमेरिका ईरान पर लगी पाबंदियां हटा सकता है और ईरान के फ्रीज किए हुए अरबों डॉलर वापस मिल सकते हैं।
- जलमार्ग का नियंत्रण: ईरान ने ‘Persian Gulf Strait Authority’ बना ली है ताकि जहाजों से टोल लिया जा सके और आवाजाही पर नियंत्रण रखा जा सके। 4 मई के बाद से यहां कोई जहाज नहीं गुजरा है।
ताजा हालात और सैन्य टकराव का क्या असर हुआ?
7 मई 2026 को US Central Command ने बताया कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में उन्होंने ईरान के ठिकानों पर हमले किए। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि अमेरिकी जहाजों ने सफलतापूर्वक रास्ता पार किया और ईरान को भारी नुकसान हुआ। दूसरी तरफ ईरान ने इन हमलों से इनकार किया और अमेरिका पर तेल टैंकर को निशाना बनाने का आरोप लगाया। इन दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz क्यों बंद है?
ईरान ने मार्च की शुरुआत से ही इस जलमार्ग पर पाबंदियां लगाई हैं और अब उसने अपनी एक नई अथॉरिटी बनाई है जो जहाजों के आने-जाने और टोल की निगरानी करेगी।
अमेरिका ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर क्या चाहता है?
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना यूरेनियम स्टॉक सौंप दे, तीन परमाणु केंद्र बंद करे और कम से कम 12 से 20 साल तक यूरेनियम बनाना बंद कर दे।