अमेरिका के एनर्जी मिनिस्टर Chris Wright ने साफ कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता हो या न हो, अमेरिका वहां अपनी नेविगेशन की आजादी बनाए रखेगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है और जहाजों की सुरक्षा को लेकर बहस चल रही है.
Project Freedom और ईरान के साथ समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 6 मई 2026 को “Project Freedom” को कुछ समय के लिए रोकने का ऐलान किया. यह प्रोजेक्ट जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षा देने और उन्हें रास्ता दिखाने के लिए शुरू किया गया था. राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ एक बड़े समझौते की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. इस समझौते को अंतिम रूप देने और साइन करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इस सैन्य ऑपरेशन को रोका गया है.
कार्गो शिप पर हमला और देशों की प्रतिक्रिया
6 मई 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर आई. इस घटना के बाद UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे एक गंभीर मामला बताया और कहा कि इस तरह के हमले तनाव को बढ़ाते हैं. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने UAE के दावों को खारिज कर दिया. ईरान का कहना है कि उनके कदम अमेरिकी हमलों को रोकने और अपनी रक्षा करने के लिए थे. वहीं, अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर Pete Hegseth ने भरोसा दिलाया कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अभी भी लागू है.
अमेरिका की सैन्य स्थिति और सुरक्षा प्लान
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि जहाजों को सुरक्षा देने का प्रयास 5 मई 2026 से शुरू हुआ था. उन्होंने यह जानकारी भी दी कि “Operation Epic Fury”, जो अमेरिका का हमलावर चरण था, अब पूरा हो चुका है. अब जलडमरूमध्य में अमेरिका की जो भी सैन्य गतिविधियां चल रही हैं, वे केवल बचाव के उद्देश्य से हैं. अमेरिका का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारिक जहाजों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom को क्यों रोका गया है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इसलिए रोका क्योंकि ईरान के साथ एक व्यापक समझौते पर अच्छी प्रगति हुई है और इस समझौते को साइन करने की प्रक्रिया चल रही है.
कार्गो जहाज पर हमले पर ईरान का क्या जवाब था?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमले की बात को इस तरह पेश किया कि उनके कदम अमेरिकी आक्रामकता को रोकने के लिए उठाए गए थे.