अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब खत्म होने के करीब पहुंच रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने बयान दिया है कि वाशिंगटन पश्चिम एशिया में एक बड़े रणनीतिक समझौते के बेहद करीब है। इस समझौते के लागू होने से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सकेगा, जिससे समुद्री व्यापार सामान्य होगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी बड़ी रोक लगाई जा सकेगी।

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इस समझौते के मुख्य बिंदु क्या हैं?

इस प्रस्तावित समझौते के तहत समुद्री सुरक्षा और परमाणु गतिविधियों को लेकर कड़े नियम तय किए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच जिन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हो रही है, वे इस प्रकार हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: इस समुद्री मार्ग से सभी प्रकार के प्रतिबंध हटाए जाएंगे। ईरान को 30 दिनों के भीतर इस जलमार्ग से सभी नौसैनिक माइंस (naval mines) हटाने होंगे। इसके बदले में अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को धीरे-धीरे कम करेगा।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रोक: समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना है। इसके तहत ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (highly enriched uranium) के स्टॉक को सौंपने और यूरेनियम संवर्धन की सीमा तय करने पर बातचीत करनी होगी।
  • सीजफायर में बढ़ोतरी: इस समझौते के हिस्से के रूप में दोनों देशों के बीच चल रहे युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव है।
  • प्रतिबंधों से राहत: यदि ईरान अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है, तो उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिल सकती है और उसके फ्रीज किए गए फंड भी जारी किए जा सकते हैं।

अमेरिकी और ईरानी प्रशासन का इस पर क्या रुख है?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 29 मई 2026 को कहा कि हालिया अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण यह समझौता संभव हो पा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले ही निर्देश दिया है कि जब तक समझौता पूरी तरह से हस्ताक्षरित और प्रमाणित नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी।

दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस समझौते के अंतिम मसौदे की पुष्टि नहीं की है। ईरानी सांसदों और सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रस्तावित शर्तें ईरान की मुख्य नीतियों और रेड लाइन्स का उल्लंघन करती हैं, जिसके कारण अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

इस समझौते में अन्य देशों की क्या भूमिका है?

इस पूरे मामले में क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता को लेकर कुछ अन्य देश भी शामिल हैं:

  • पाकिस्तान: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के माध्यम स्थापित करने और मध्यस्थता के प्रयासों में पाकिस्तान ने भूमिका निभाई है।
  • ओमान: ओमान ने अमेरिकी प्रशासन को आश्वस्त किया है कि होर्मुज जलमार्ग में जहाजों पर किसी भी प्रकार का टोल या अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया जाएगा।
  • इजराइल: इस समझौते के सुरक्षा पहलुओं और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर अमेरिका लगातार इजराइल के साथ भी संपर्क में बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz खुलने से वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

इस समुद्री मार्ग के पूरी तरह खुलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति सुगम होगी और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिससे वैश्विक बाजार में स्थिरता आएगी।

क्या यह समझौता पूरी तरह से लागू हो चुका है?

नहीं, अभी इस समझौते के मसौदे पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अंतिम मंजूरी और ईरान के हस्ताक्षर के बाद ही इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com