अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत दो अमेरिकी जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस खबर के बाद ईरान ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई विदेशी सेना वहां आने की कोशिश करेगी, तो उस पर हमला होगा। इस घटनाक्रम के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।

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प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है और अमेरिका ने क्या किया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 मई 2026 को Truth Social पर ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का ऐलान किया था। उन्होंने इसे एक मानवीय प्रक्रिया बताया जिसका मकसद उन तटस्थ और मासूम जहाजों की मदद करना है जो इस जलमार्ग में फंसे हुए थे। इस मिशन के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • CENTCOM की भूमिका: अमेरिकी सैन्य कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि दो अमेरिकी जहाजों ने रास्ता पार कर लिया है।
  • नौसेना की तैनाती: सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स को फारस की खाड़ी में तैनात किया गया।
  • सुरक्षित रास्ता: जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने जहाजों को ओमान के पानी का उपयोग करने की सलाह दी और एक ‘एन्हांस्ड सिक्योरिटी एरिया’ बनाया।

ईरान की चेतावनी और UAE के टैंकर पर हमला

अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान की मिलिट्री कमांड ने 4 मई 2026 को चेतावनी दी कि किसी भी विदेशी सैन्य बल, खासकर अमेरिकी सेना को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, इस दौरान कुछ गंभीर घटनाएं भी सामने आईं:

  • UAE का आरोप: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने उसके एक मुख्य तेल कंपनी के टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया।
  • अन्य हमले: एक मैरीटाइम सिक्योरिटी संस्था ने बताया कि 4 मई को एक टैंकर पर अज्ञात मिसाइलों से हमला हुआ।
  • पुराना विवाद: ईरान ने 28 फरवरी 2026 से होर्मुज जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जबकि अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रोजेक्ट फ्रीडम (Project Freedom) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए तटस्थ और निर्दोष जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक मानवीय प्रक्रिया बताया है।

UAE ने ईरान पर क्या आरोप लगाया है?

UAE ने आरोप लगाया कि 4 मई 2026 को ईरान ने उसके एक प्रमुख तेल कंपनी के टैंकर को दो ड्रोन के जरिए निशाना बनाया।