अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। US Central Command ने साफ तौर पर कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की सैन्य क्षमता रखता है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों पर कड़ी नजर रखी है और कई जहाजों को मोड़ा है, जिससे दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों और प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत के बारे में क्या कहा?
US Central Command के चीफ Admiral Brad Cooper ने अमेरिकी सीनेट को बताया कि ‘Operation Epic Fury’ के जरिए ईरान की सैन्य क्षमता को काफी कम कर दिया गया है। उनके मुताबिक, ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा समुद्री माइंस को नष्ट कर दिया गया है और उनकी डिफेंस इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका का दावा है कि ईरान के पास अब जहाजों को रोकने की बहुत कम ताकत बची है और उसके ड्रोन और मिसाइल फोर्स को दोबारा तैयार करने में अब कई साल लगेंगे।
ईरान और चीन का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली हमलों से ईरान कमजोर नहीं हुआ है, बल्कि वह राजनीतिक और रणनीतिक रूप से और मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वे जहाजों को रास्ता देने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह ईरान के मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के हिसाब से होगा। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने आपसी सहमति जताई कि Strait of Hormuz को हर हाल में खुला रखना होगा और ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।
समुद्री जहाजों की स्थिति और प्रवासियों पर प्रभाव
तनाव के कारण समुद्र में हालात गंभीर हैं। 14 मई को UAE के पास एक जहाज को जब्त कर ईरान की तरफ मोड़ा गया और ओमान के पास एक भारतीय झंडे वाले जहाज के डूबने की खबर आई है। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है, जिसके चलते अब तक 70 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों और व्यापारियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इस रास्ते के बंद होने या तनाव बढ़ने से सामान की कीमतों और सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में तनाव का जहाजों पर क्या असर हो रहा है?
अमेरिकी नाकाबंदी के कारण 70 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा है। हाल ही में UAE के पास एक जहाज जब्त हुआ और ओमान के पास एक भारतीय जहाज डूब गया है।
क्या अमेरिका और चीन इस मामले में एक साथ हैं?
हां, राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग ने सहमति जताई है कि यह समुद्री रास्ता खुला रहना चाहिए और ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
